पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को जन्मदिन पर झेलना पड़ा किसानों का विरोध


किसानों ने काले झंडे दिखाए तो वाहन छोड़कर भागे बीरेन्द्र सर्मथक
बीरेन्द्र सिंह की दोगली राजनीति पर खफा है  किसान
रोहतक।
हरियाणा के रोहतक जिले में भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां को उनके जन्मदिन पर किसानों का विरोध झेलना पड़ा। बाइक रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को किसानों ने काले झंडे दिखाए। माहौल तनावयुक्त हो गया और लोग भड़क गए। विरोध के दौरान स्थिति यहां तक बन गई थी कि भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर ही अपनी मोटर साइकिलें छोड़कर भाग गए।
गुरुवार को चौधरी बीरेंद्र सिंह का जन्मदिन था। इस मौके पर छोटूराम विचार मंच ने सांपला छोटूराम संग्रहालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस मौके पर ही एक बाइक रैली छोटूराम संग्रहालय पहुंचनी थी। यह रैली किसानों के समर्थन में थी और इसे किसान व सरकार के बीच संवाद से समाधान नाम दिया गया था।
जैसे ही किसानों को पता चला चौधरी बीरेंद्र सिंह कार्यक्रम में आ रहे हैं तो किसान काले झंडे लेकर छोटूराम संग्रहालय पहुंच गए और संग्रहालय के गेट पर ताला जड़ दिया। विरोध प्रदर्शन की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई और उसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया।

छोटूराम विचार मंच के पदाधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान नहीं माने। फिर जैसे ही बाइक रैली छोटूराम संग्रहालय पहुंची तो किसानों ने काले झंडे लेकर उसका विरोध शुरू कर दिया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। 

माहौल ऐसा बिग?ा कि कार्यकर्ता अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर भाग गए। पुलिस ने हालात संभालने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे किसानों को संभाल नहीं पाए। बीरेंद्र सिंह भी काफी परेशान नजर आए। जबकि बीरेंद्र सिंह किसानों के हक में बोलते रहे हैं और खुले तौर पर उन्होंने किसानों के समर्थन मेें होने की बात कही थी। इससे पहले वे सांपला में दो दिन के धरने में शामिल हुए थे।

 मगर उनके बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार से भाजपा सांसद हैं और वे कृषि कानूनों को सही बता रहे हैं। यही कारण है कि किसानों को उनका फैसला दोगली राजनीति का लग रहा है। किसानों का कहना है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह दोहरे चरित्र की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें भाजपा से इस्तीफा दे देना चाहिए। यही नहीं अपने सांसद बेटे का इस्तीफा दिलवाकर किसानों के समर्थन में खुलकर आएं।