अब साईवर क्राईम करने वालो पर होगी कार्रवाही, पिडितो को मिलेगी तुरन्त सहायता

31 मार्च 2021
 
हिसार में स्थापित हुआ साईवर क्राईम पुलिस स्टेशन       
आज दिनांक 31.03.21 को कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइसेज के जरिए किये जाने वाले अपराधों से निपटने के लिये हिसार मण्डल स्तर पर साईवर क्राईम पुलिस स्टेशन की स्थापना की गई है। हिसार मण्डल के पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय कुमार ने हिसार सैक्टर 14 मे स्थित उक्त पुलिस स्टेशन का उदघाटन किया। 
हिसार मण्डल मे यह पहला साईवर क्राईम पुलिस स्टेशन है। इस अवसर पर डीआईजी कम पुलिस अधीक्षक हिसार श्री बलवान सिह राणा, श्रीमती निकिता गहलोत पुलिस अधीक्षक हांसी, डा0 अजय सहायक निदेशक एसओसी, जितेन्द्र सिहं एचपीएस उप पुलिस अधीक्षक  थाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिह व स्टाफ उपस्थित रहे। उदघाटन सामारोह में शामिल हुये शहर के अनेक गणमान्य व्यकितयो एवं समाजसेवीयो ने पुलिस प्रशासन की पहल का स्वागत किया।

इस अवसर पर श्री संजय कुमार, आईजी हिसार मण्डल ने कहा कि आज कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइसेज, आदि के जरिए घटित अपराधो का ग्राफ बढता जा रहा है। हरियाणा पुलिस साइबर अपराधों को बहुत गंभीरता से ले रही हैं, इसी कडी मे हिसार मण्डल स्तर पर साईवर क्राईम पुलिस स्टेशन की स्थापना की गयी है। हिसार मण्डल स्तर पर यह पुलिस स्टेशन खुलने से साईवर अपराधो के शिकार हुये लोगो को फोरन कार्यवाही करवाने मे सहायता मिलेगी। 

हिसार मण्डल के जिलो मे घटित साईवर अपराधो की शिकायत यहा दर्ज की जायेगी। साईवर अपराधो से निपटने के लिये अनुभवी पुलिस अधिकारीयो एवं कर्मचारीयो की नियुक्ति की गई है व पुलिस स्टेशन को जरुरी संसाधनो से सुसज्जति किया है।
 
उन्होने कहा कि इस दिशा मे लोगो को भी जागरुक करने का कार्य किया जायेगा ताकि उनसे जाने- आनजाने में गलती ना हो व दूसरो की गलती से  भी अपने को सुरक्षित रख सके। इस अवसर पर उन्होने लोगो से भी अपील की, कि अपने कम्पूटर, दूरसंचार और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय हमेशा सतर्क रहे व अपने तकनीकी जरियो का सुरक्षित इस्तेमाल करे।
 
साइबर अपराधों लिए सजा
साइबर अपराधों लिए छोटे-मोटे जुर्माने से लेकर उम्र कैद तक की सजा दी जा सकती है। ऐसे मामलों में सूचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक (संशोधन) कानून 2008 तो लागू होते ही हैं, मामले के दूसरे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), कॉपीराइट कानून 1957, कंपनी कानून, सरकारी गोपनीयता कानून और यहां तक कि बिरले मामलों में आतंकवाद निरोधक कानून भी लागू किए जा सकते हैं। कुछ मामलों पर भारत सरकार के आईटी डिपार्टमेंट की तरफ से अलग से जारी किए गए आईटी नियम 2011 भी लागू होते हैं। कानून में निर्दोष लोगों को साजिशन की गई शिकायतों से सुरक्षित रखने की भी मुनासिब व्यवस्था है,