एडीसी ने फसल अवशेष प्रबंधन व फसल विविधता के जागरूकता वाहन को झंडी दिखाकर किया रवाना

अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने सोमवार को लघु सचिवालय के प्रांगण से फसल अवशेष प्रबंधन व फसल विविधता के जागरूकता वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि विभाग के क्षेत्रीय अमले के साथ मिलकर प्रत्येक गांव तक इस वाहन के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जाएगा। 

अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने जागरूकता वाहन को झंडी दिखाने से पहले वाहन पर चलाई जा रही वीडियो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत, मेरी फसल मेरा ब्यौरा और पराली प्रबंधन की विडियो बनाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। 

एडीसी ने जिला के किसानों को आह्वान किया कि वे फसली अवशेष जलाने की बजाय इसका वैज्ञानिक प्रबंधन करके इससे धन कमाएं। ऐसा करने से जहां पर्यावरण प्रदूषण को रोकने में सफलता मिलेगी वहीं किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी। उन्होंने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने से विभिन्न समस्याएं जैसे हवा व धरती का तापमान बढऩा, मनुष्य व पशुओं में सांस की समस्या, आंखों में जलन व धुंधलापन हो जाना और मिट्टी की गुणवत्ता में कमी इत्यादि उत्पन्न होती हैं।


उन्होंने कहा कि किसान खेतों में पड़े फसलों के अवशेषों को न जलाएं बल्कि उसे भूमि में दबाएं जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाई जा सकती है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने कहा कि जागरूकता वाहन के माध्यम से विभिन्न गांवों, कस्बों, ढाणियों में प्रचार प्रचार कर किसानों को फसली अवशेषों को आग न लगाकर पराली प्रबंधन हेतू जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार कुंट, डॉ. संदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।