डिजिटल इंडिया : अब ई-गिरदावरी का रिकोर्ड होने जा रहा है डिजिटल

सिरसा । ई-गिरदावरी को लेकर प्रशासन रिकोर्ड को पूरी तरह से डिजिटल करने में जुटा है। जिसे  लेकर अब 70 टीमें दिन रात इसके रिकोर्ड को ‌कंप्यूटर पर अपलोड करने में जुटी है। प्रशासन की माने तो उनके कर्मचारियों को सांस लेना भी मु‌श्किल हो रहा है। गेहूं की फसल अगले महीनें में तैयार होने वाली है। 

वहीं  सरकार के दिशा निर्देश है कि हर छोटे बड़े किसान की फसल का एक एक दाना खरीद जाएगा लेकिन शर्ते यह है कि किसान पहले मेरी फसल - मेरा ब्यौरा पोर्टल पर खुद का पंजीकरण करवाकर सुनिश्चत करवाएं। लेकिन किसनों को पोर्टल पर पंजीकरण करवाने को लेकर अनेक प्रकार की समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। उनके गिरदावरी के रिकोर्ड ऑनलाइन ना होने के कारण परेशानी हो रही थी। 

जिसके तहत अब मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत जिला में ई-गिरदावरी का कार्य जोरों-शोरों से जारी है। कार्य को तय समय में मुक्कमल करने के लिए कालांवाली तहसील के अधीन पड़ने वाले 66 गांवों में करीब 70 टीमें कार्य कर रही हैं। टीमें कार्य करने को लेकर दिन रात कार्य करने में जुटी हुई है। 

प्रशासन द्वारा टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी तरह की कोई भी त्रुटि न बरतकर फसलों की पूरी जानकारी होने पर ही उसे पोर्टल पर अपलोड करें। मार्च के पहले शनिवार से शुरू हुए इस कार्य को पूरा करने के लिए सात दिन का समय दिया गया था। रिपोर्ट देने में 2 दिन का समय शेष बचा है। कार्य को पूरा करने के लिए टीमों द्वारा दिन के अलावा देर रात्रि तक कार्य किया जा रहा है।

 इस कार्य में डेटा साथ की साथ अपलोड करते समय सिस्टम व्यस्त होने के चलते कर्मचारियों द्वारा देर रात्रि तक इसे अपलोड किया जा रहा है। कालांवाली के नायब तहसीलदार रामनिवास ने विभिन्न गांवों में जाकर ई-गिरदावरी के कार्य का औचक निरीक्षण करते हुए कार्य बारे जानकारी ली। 

उन्होंने टीमों को निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी कर्मचारी कार्य में किसी भी तरह की कोई लापरवाही न बरतते हुए तेजी से कार्य निपटाएं ताकि रिपोर्ट शनिवार तक उपायुक्त को भेजी जा सके। उन्होंने ई- ‌गिरदावरी के डाटा को स्टीक अपलोड करने का सुझाव ‌भी दिया है ताकि बाद में कर्मचारियों को किसी भी तरह की फेर बदल ना करनी पड़े।