अविश्वास प्रस्ताव में वोटिंग ना करने को लेकर आंदोलनकारी किसानों ने फूंके विधायकों के पुतला

सिरसा। कांग्रेस द्वारा विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर हुई वोटिंग में विधायकों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव में वोटिंग ना करने को लेकर किसानों का गुस्सा अब बाहर निकल रहा है। जिससे लेकर सरकार के पक्ष में विधायकों द्वारा की गई वोटिंग के विरोध में किसानों ने पुतले जलाएं। किसानों ने एक आवाज में कहा कि जिन विधायकों को वोट देकर इस पद में पहुंचाया है आज वह ही उनके खिलाफ खड़े है। आंदोलनकारी किसानों ने सरकार और सरकार के पक्ष में वोट करने विधायकों के आवास और कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।

अविश्ववास पर हुई वोटिंग को लेकर किसानों नें तीन जगह पर पुतला फूंका। आंदोलनकारी किसानों ने कहा क‌ि हमारे ‌चुने गए ‌विधायकों पर हमे पूरा विश्वास था कि वह किसानों के ‌हित को ध्यान में रखते हुए इस अविश्वास प्रस्ताव पर जरूर मोहर लगाएंगे लेकिन किसी भी उम्मीदार ने किसानों के हक में वोट नहीं किया। 

हालांकि वह तीन कृषि कानूनों पर जरूर बोलते हुए सरकार की वाह वाही लूट रहे थे। अगर तीन कृषि कानूनों के इतने की फायदें है तो वह विधायक किसानों के बीच में आकर उन्हे क्यो नहीं समझाते। अगर अब कोई भी विधायक विधानसभा में हुए अविश्वास को लेकर जिसने सरकार के पक्ष में वोट किया है और वह वोट मांगने गांवों में पहुंचा तो उसका विरोध किया जाएगा। जो विधायक किसान के पक्ष में नहीं सोच सकता उसे वोट मांगने का भी कोई ‌अधिकार नहीं है। 

अविश्वास प्रस्ताव के ‌अगले दिन वीरवार को पहले भावदीन टोल प्लॉजा पर धरनारत किसानों ने डबवाली रोड स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बिजली मंत्री चौधरी रणजीत स‌िंह और हलोपा विधायक गोपाल कांडा का पुतला फूंका। यहां किसान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। ओर अपने हल्के के विधायकों को जमकर कोसा। 

विधानसभा में लाए अविश्वास प्रस्ताव पर  किसान लखविंद्र सिंह औलख, मैक्स साहुवाला, भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने कहा कि पांच वर्ष पश्चात सभी विधायक गांवों में पहुंचकर वोट मांगते हैं लेकिन लोगों ने पहली बार विधायकों से वोट मांगा था। लेकिन इसके बाद भी विधायकों ने अपनी खुशी से सरकार को ही वोट दिया। जिससे पता चलता है कि इन विधायकों को केवल और केवल सत्ता से प्यार है। यह किसान का भला नहीं चाहते। वहीं उन्होंने कहा क‌ि अगर इसके बाद भी विधायक गांवों में लोगों से वोट मांगने के लिए पहुंचे तो उनका विरोध किया जाएगा। जिसके जिम्मेदारी खुद विधायकों की होगा।

सरकार के पक्ष में हुई वोटिंग के ‌दौरान सिरसा से ही दो विधायक जो अपने आपको किसानों का हिमायती बताते है। जब किसान उनके कार्यालय जवाब मांगने पहुंचे तो उन्होंने किसानों के लिए अपने दरवाजे तक बंद कर दिए। शहीद भगत स‌िंह खेल स्टेडियम में पक्का मोर्चा धरनास्थल किसान प्रदर्शन करते हुए विधायक गोपाल कांडा के हिसारिया बाजार स्थित कार्यालय में पहुंचे। 

हालांकि पुलिस ने किसानों के पहुंचने से पहले ही कार्यालय के शटर गिरा दिए। जिसके पश्चात किसान कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे और विधायक गोपाल कांडा का पुतला फूंक उपमुख्यमंत्री आवास की तरफ चल पड़े। इसके पश्चात किसान बरनाला रोड ‌स्थित बाबा भूम्मण शाह चौक पर पहुंचे। किसानों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और बिजली चौधरी रणजीत सिंह का पुतला फूंका। पुलिस बल की ओर से मंत्री आवास की तरफ आने जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगा रास्ता बंद कर दिया। 

किसानों द्वारा प्रदर्शन के दौरान जगह- जगह जाम की स्थित‌ि बनी रही। जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ‌हिसारियां बाजार में किसानों द्वारा प्रदर्शन करने के लिए पुलिस को यहां का रोड डायवर्ट करना पड़ा तो वहीं शहर के बाबा बंदा सिंह बहादुर सिंह चौक और बाबा भूम्मण शाह चौंक  प्रर्दशन के चलते जाम की स्थित‌ि बनी रही। किसानों ने कई घंटों तक शहर में ही जमकर प्रर्दशन किया। 

किसानों कि माने तो अब इन विधायकों के उपर से भी उनका विश्वास उठ सा गया है। चुनावी दौर में यहीं विधायक उनके घरों पर आकर वोट डालने की अपील करते थे। उनके घरों में बना भोजन ग्राहण करते व रैलियों में शामिल होने की प्रर्थना करते थे। आज वही विधायक उनके खिलाफ विधानसभा में केवल सत्ता में रहने के लिए वोट कर आए।