😧 अंधविश्वास चरम पर: 30 दिन के नवजात को मंदिर में दान में दिया

हांसी: 21वीं सदी में भी भारतीय समाज में अंधविश्वास अपने चरम पर है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के हिसार जिले के हांसी में देखने को मिला। जहां महज 30 दिन के नवजात को उसके मां-बाप ने समाधा मंदिर में साधुत्व के लिए दान कर दिया। सोशल मीडिया पर यह अजीबोगरीब धार्मिक कार्यक्रम और मामला वायरल हुआ तो सिसाय पुलिस को भी इसकी भनक लगी, जिस वजह से बच्चे के साथ गलत होने से बच गया।
सिसाय पुलिस चौकी इंचार्ज वेदपाल नैन ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ था। संदेश के मुताबिक, समाधा मंदिर में एक गुरुवार को एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डडल पार्क निवासी फ्रूट व्यापारी ने अपने एक महीने के बच्चे को मंदिर में चढ़ाया था। मंदिर में महंतों व परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में रस्में करने के बाद बच्चे का नामकरण नारायण पुरी कर दिया गया।

लेकिन सोशल मीडिया के जरिए मामला पुलिस के संज्ञान में आया और हरकत में आते हुए पुलिस ने परिवार और मंदिर के महंत को चौकी में तलब कर लिया। पुलिस ने परिवार को कानूनी धाराओं से अवगत करवाते हुए समझाया और कार्रवाई की चेतावनी दी।

इसके बाद पुलिस कार्रवाई की गाज गिरते देखकर परिवार ने बच्चा मंदिर से वापस ले लिया। साथ ही पुलिस के सामने लिखित में उसकी परवरिश करने का वादा किया।

वहीं पुलिस की तरफ से मंदिर प्रशासन को भी चेतावनी दी गई है। लेकिन मंदिर के महंत पांचम पुरी ने बताया कि लोग अपनी मन्नत पूरी होने पर मंदिर में बच्चा चढ़ाते हैं। 

कुछ महीने पूर्व भी मंदिर में एक बच्चा ऐसे ही एक परिवार ने दान किया था, जिसका नाम पूनम पुरी रखा गया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में समाज सुधार की जिम्मेदारी उठाने वाले कई नेता भी हाजिर थे, जो परंपरा के नाम पर मूक दर्शक बनकर सब देखते रहे।