IPS संगीता कालिया के खिलाफ वारंट जारी, जानें पूरा मामला

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईश्वर दत्त की अदालत ने 2015 में फतेहाबाद की पुलिस कप्तान रहीं आईपीएस संगीता कालिया को वकील की मानहानि के मामले में वारंट जारी कर दिया है। शुक्रवार को मामले में सुनवाई थी लेकिन संगीता कालिया पेश नहीं हुईं। अब मामले में अगली सुनवाई 17 मई को होगी। 
अदालत ने 16 फरवरी को समन जारी किया था, जिसमें 23 मार्च को पेश होने के लिए कहा गया था। 23 मार्च को वह कोर्ट में पेश नहीं हुई थी। मानहानि का इस्तगासा दायर करने वाले एडवोकेट देवीलाल के मुताबिक कोर्ट में संगीता कालिया के वकील ने अर्जी दी है कि वह बीमार हैं। 

अदालत ने एक दिन के लिए हाजिरी माफ कर दी थी। इसके बाद नौ अप्रैल को पेश होने का आदेश था।
 मगर इस बार भी संगीता कालिया पेश नहीं हुईं। बताया गया है कि इस बार भी उनके वकील ने कहा कि संगीता कालिया अभी भी बीमार हैं। अदालत ने अर्जी खारिज करते हुए उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया है।

अब 17 मई के लिए वारंट जारी किया है। मामले के मुताबिक पूर्व जिला बार प्रधान देवीलाल एडवोकेट ने पुलिस कप्तान संगीता कालिया के खिलाफ 17 अक्तूबर 2015 को अदालत में आईपीसी की धारा 323, 499, 500 व 504 के तहत इस्तगासा दायर किया था। दायर इस्तगासे में देवीलाल एडवोकेट ने आरोप लगाया कि 12 अगस्त 2015 को शिकायत के मामले में एडवोकेट सुमनलता सिवाच के अलावा पीलीमंदौरी निवासी सुदेश रानी और निर्मला के साथ एसपी कार्यालय गए थे।

देवीलाल के अनुसार शिकायत सुनने के बाद एसएचओ भट्टू को कार्रवाई के आदेश दिए और इसके बाद एसपी ने उनसे पूछा ये कौन हैं तो उन्होंने बताया कि वे एडवोकेट हैं। आरोप है कि एसपी ने उन्हें तुरंत कार्यालय से निकल जाने को कह दिया और कहा कि उनके कार्यालय में किसी वकील को आने की अनुमति नहीं है।

इस पर वे यह सोचकर बाहर आ गए कि उनके कारण शिकायतकर्ता महिला को कोई दिक्कत न हो जाए। वे तत्कालीन बार प्रधान धर्मपाल जाखल से मिले और बार का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। एसपी ने वही रवैया फिर दोहराया। इसके चलते इस्तगासा दायर किया गया।