जयपुर में सरसों 7000 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर, इम्युनिटी बूस्टर के रूप तौर पर जोरदार मांग

राजस्थान सहित सभी उत्पादक क्षेत्रों में सरसों का भाव आज 7000 रुपये प्रति क्विंटल की नई ऊंचाई पर पहुंच गए। पिछले 12 दिनों के दौरान भाव 1000 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए। जानकारों का कहना है कि स्टॉकिस्टों की जोरदार खरीद के कारण भाव में लगातार तेजी आ रही है। कोरोना संकट के बीच इम्युनिटी बूस्टर मानी जाने वाली सरसों की मांग आगामी महीनों में ज्यादा रहने की उम्मीद में मिलें भी ज्यादा से ज्यादा स्टॉक जुटाने की कोशिश कर रही हैं। जबकि अन्य खाद्य तेलों में पिछले दिनों में इतनी जोरदार तेजी नहीं रही। सरसों के भाव फिर से सोयाबीन से ऊपर निकल गए हैं। पिछले दो-तीन हफ्तों से सोयाबीन असामान्य रूप से सरसों से महंगी बिक रही थी। सोयाबीन हाजिर बाजारों में 7000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही है।


सरसों में तेजी के साथ ही सरसों तेल 30 रुपये प्रति दस किलो और खली 95 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हो गई। एनसीडीईएक्स में भी सरसों वायदा अनुबंध 4-6 फीसदी तक तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। सोयाबीन वायदा अनुबंधों में चार फीसदी के आसपास तेजी है। सोया तेल वायदा भी एक-डेढ़ फीसदी मजबूत है।


आज दोपहर में जयपुर में 42 फीसदी कंडीशन सरसों 7025-7050 रुपये प्रति क्विंटल (जीएसटी अलग) बिक रही है। गत शाम तक भाव 6800-6805 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए थे। हालांकि मंडियों में सरसों की आवक 3.85 लाख बोरी (प्रति बोरी 80 किलो) से बढ़कर 5.25 लाख बोरी हो गई है। पिछले करीब 8-10 दिनों से आवक में लगातार गिरावट आ रही थी।


कांडला पोर्ट पर अप्रैल डिलीवरी क्रूड पाम तेल आज दोपहर में 1155 डॉलर से और बढ़कर 1160 डॉलर प्रति टन पर बिक रहा है। सोया तेल डिगम अप्रैल 1245 डॉलर से बढ़कर 1268 डॉलर हो गया। पोर्ट पर भारतीय मुद्रा में क्रूड पाम तेल आज दोपहर में 1174 रुपये पर स्थिर हैं। सोया तेल डिगम शाम तक 1320 रुपये से बढ़कर 1330 रुपये प्रति दस किलो के हो गया।


बाजार सूत्रों के अनुसार सरसों अपने फंडामेंटल्स की मजबूती से महंगी हो रही है। स्टॉकिस्ट तो आक्रामक तरीके से खरीद कर ही रहे हैं। मिलर्स और प्रोसेसर्स भी ज्यादा से ज्यादा स्टॉक जुटाने में लगे हैं। कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने से भी आने वाले महीनों में सरसों तेल की मांग जोरदार रहने की संभावना है। इम्युनिटी बढ़ाने में उपयोगी मानी जाने वाली सरसों की खपत पिछले साल भी कोरोना काल में जोरदार रही थी। मिलों को इस साल भी वैसी ही मांग रहने की उम्मीद है।


हाजिर बाजार में स्टॉकिस्ट, प्रोसेसर्स और मिलर्स की मांग तो हुई है लेकिन सीमित लिवाली जारी है। बाजार सूत्रों के अनुसार आवक का पीक समाप्त हो रहा है। मंडियों की आवक में लगातार तेजी से गिरावट आ रही है। मंडियों में आवक घटकर चार लाख बोरी से भी कम हो गई है।


सरसों तेल दोपहर में जयपुर में 1424-1425 रुपये और अन्य मंडियों में 1414-1415 रुपये प्रति दस किलो पर कारोबार कर रहे हैं। गत शाम तक इसके भाव जयपुर में 1394-1395 रुपये और अन्य मंडियों में 1384-1385 रुपये प्रति दस किलो हो गए थे। इस तरह सरसों तेल में आज 30 रुपये प्रति दस किलो बढ़ गए। सरसों खली के भाव आज दोपहर में 2900-2905 रुपये प्रति क्विंटल के हो गए। गत शाम को भाव 2895-2900 रुपये प्रति क्विंटल पर थे।