खत्म होने को वैक्सीन का स्टाॅक, सरकार कर रही सिर्फ कागजी दावे: बलवान दौलतपुरिया

जिला कांग्रेस कोविड सहायता कमेटी ने वार्डो में शुरू किया तीसरे चरण का सेनेटाईजेशन अभियान

पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया संग वरिष्ठ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा

फतेहाबाद: पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रति लोग जागृत होकर वैक्सीन लगवाने में रूची दिखाने लगे हैं तो स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी स्टाॅक खत्म होने जैसे ब्यान देकर पल्ला झाड़ने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भयंकर रूप ले रही कोरोना महामारी में वैक्सीन स्टाॅक की कमी प्रमाणित करती है कि महामारी को खत्म करने में सरकार के दावे केवल मात्र कागजों तक ही सिमट कर रह गए है।

वे जिला कांग्रेस कोविड सहायता कमेटी द्वारा तीसरे चरण में वार्ड स्तर पर शुरू किए गए सेनेटाईजेशन अभियान में पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के दिशा-निर्देशों पर पूर्व विधायक दौलतपुरिया, वरिष्ठ नेता पूनमचंद रत्ति, शम्मी रत्ति, राजेश गांधी, भीम नारंग, पियुष नारंग, केसर सिंह, मुकेश रायका आदि ने सन्यास आश्रम रोड, धर्मशाला रोड, ठाकर बस्ती, वाल्मीकि चैक जैसे मुख्य क्षेत्रों में सेनेटाइज दवा का छिड़काव किया।

पूर्व विधायक बलवान दौलतपुरिया ने कहा कि कोरोना महामारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल के दिशा निर्देशों पर जिला कांग्रेस कमेटी कोर्डिनेटर अरविन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीमें जिला स्तर पर पीड़ितों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का काम कर रही है।

मगर इसे प्रदेश की जनता का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जिस भाजपा-जजपा सरकार को ये काम सबसे पहले करने चाहिए थे, वह अभी भी कोरोना महामारी बचाव टीमे गठित करने पर ही काम कर रही है। उन्होंने का कि समाजसेवी संस्थाओं व कांग्रेस पदाधिकारियों की अथक मेहनत के चलते लोगों में वैक्सीन लगाने के प्रति रूझान बढ़ने लगा है। मगर सरकारी स्टाॅक में वैक्सीन का स्टाॅक अब खत्म होने के कगार पर पहुंच चुका है।

इसे भाजपा सरकार की सबसे बड़ी नाकामी ही कहा जाएगा कि आज महामारी में उसके गलत प्रबंधन की वजह से दुनिया में भारत कोराना महामारी का केंद्र बिंदु बन गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अस्पतालों में प्लाजमा सेंटर, वैक्सीन के स्टाॅक, चिकित्सकों की कमी जैसी मुख्य जरूरतों को जल्द से जल्द पूरा करे। यदि वह ऐसा नहीं करती है तो लाखों लोगों की जान जोखिम में डालने की मुख्य जिम्मेदार भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ही होगी।