दुबई में चल रही एशियन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पूजा ने गोल्ड मेडल जीतकर भिवानी का नाम रोशन किया

 भिवानी। दुबई में चल रही एशियन चैंपियनशिप में पूजा बोहरा ने सोने पर पंच लगाया है। शहर की लाडली ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को 5-0 से हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि भिवानी के मुक्के का दुनिया में कोई जवाब नहीं है। उनकी जीत पर परिवार और कोच ने जमकर खुशी मनाई है।

पूजा बोहरा ने लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही वो यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली जिले की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। मुकाबला शुरू होते ही कोच संजय श्योराण का परिवार टीवी के सामने बैठ गया था। पूरे मैच के दौरान कोई टीवी के सामने से हिला तक नहीं। जैसे ही पूजा ने मैच जीता तो खुशी की लहर दौड़ गई।

आदर्श कॉलेज से शुरू हुआ था बॉक्सिंग का सफर

पूजा बोहरा गुरु द्रोणाचार्य कैप्टन हवासिंह बॉक्सिंग अकादमी में अभ्यास करती हैं। फिलहाल वो 75 किलोग्राम भार वर्ग में एशियन चैंपियनशिप में भाग ले रही हैं। अकादमी में कोच संजय श्योराण उनको अभ्यास करवाते हैं। पूजा के पिता हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं। उनकी मां गृहिणी हैं और भाई शारीरिक शिक्षक हैं। उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत आदर्श कॉलेज से की थी। वहां कोच संजय श्योराण की पत्नी लेक्चरर थीं। एक प्रतियोगिता के दौरान संजय ने पूजा को खेलते हुए देखा और उसका खेल पसंद आया। उसके बाद कोच संजय ने उनको अभ्यास कराना शुरू किया। फिर पूजा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूजा कोच संजय की पत्नी को भी मां मानती हैं।

कोच ने फोन कर बढ़ाया हौसला

चैंपियनशिप के फाइनल में मुकाबला शुरू होने से पहले पूजा ने कोच भीम अवॉर्डी संजय श्योराण से आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह से ही वो पूजा के साथ फोन पर बार-बार बात कर उसे तकनीक के बारे में बता रहे थे। मुकाबला शुरू होने से 20 मिनट पहले भी पूजा ने फोन कर उनसे आशीर्वाद लिया था।

ओलंपिक में भी लाएगी गोल्ड

कोच संजय ने कहा कि वापस आने के बाद पूजा की ट्रेनिंग और कड़ी की जाएगी। पूजा का अब ओलंपिक में चयन हो गया है। उसके लिए और ज्यादा तैयारी करनी होगी। हमें पूूरा विश्वास है कि एशियन चैंपियनशिप की तरह ही वह ओलंपिक में भी गोल्ड मेडल जीतेगी।