स्वास्थय विभाग की लापरवाही, गलती से ले गए थे अन्य कोरोना मृतक जगतार सिंह के परिजन, कर दिया था संस्कार


फतेहाबाद सामान्य अस्पताल से गायब हुआ कोरोना मृतक 2 मई । फतेहाबाद में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में कोरोना के चलते जिंदगी की जंग हार चुके एक बुजुर्ग का शव गायब होने का समाचार है। इस मामले में मृतक बुजुर्ग श्रवण भाटिया के परिजनों ने नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग की है। 



अस्पताल से शव गायब होने की खबर से अस्पताल स्टाफ में भी हडकंप मच गया। इस मामले में जब जांच की गई तो पता चला कि अस्पताल में गलती से डेड बॉडी बदल गई है। 2 मई को श्रवण भाटिया के साथ कीर्ति नगर फतेहाबाद निवासी जगतार सिंह का भी निधन हुआ था। 

रविवार शाम जगतार सिंह के परिजनों को बुलाकर जब उन्हें शवगृह में रखे शव को दिखाया गया तो उन्होंने उसकी शिनाख्त जगतार सिंह के रूप में की। जगतार सिंह के बेटे ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलती से जगतार सिंह की जगह श्रवण भाटिया का अंतिम संस्कार कर दिया है। अब वे जगतार सिंह का शव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार करेंगे वहीं गत दिवस जो अंतिम संस्कार उन्होंने किया गथा, उसकी अस्थियां श्रवण भाटिया के परिजनों को ले जाने देंगे।

 इससे पूर्व रविवार सुबह नागरिक अस्पताल में मौजूद हुडा सैक्टर निवासी अतुल भाटिया ने बताया कि उसके मामा जगजीवनपुरा निवासी 62 वर्षीय श्रवण भाटिया की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर करीब एक सप्ताह पहले उन्हें नागरिक अस्पताल के कोविड केयर सैंटर में भर्ती करवाया गया था। अतुल के अनुसार उसकी मामी भी नागरिक अस्पताल में नर्स है। गत दिवस शाम को उन्हें सूचना दी गई कि श्रवण भाटिया की मौत हो गई है। 

इस पर शाम को जब वे नागरिक अस्पताल पहुंचे और कागजात व सामान मांगा तो वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि उनकी नाईट ड्यूटी खत्म हो गई है। वे सुबह अस्पताल आ जाएं, उन्हें मृतक का शव सौंप दिया जाएगा। अतुल ने बताया कि रविवार सुबह जब वह नागरिक अस्पताल पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि अस्पताल के पास जो एम्बुलैंस है, वह अभी कहीं गई हुई है, उसके आते ही वे शव को अंतिम संस्कार वाली जगह पहुंचा देंगे और परिजन भी वहां चले जाएं। 

शाम को जब एम्बुलैंस आई तो उन्होंने अपने मामा का शव मांगा तो ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उन्हें श्रवण भाटिया का शव उनके पास न होने की बात कही। इसके बाद जब उन्होंने शवगृह में जाकर देखा तो वहां भी श्रवण भाटिया का शव नहीं था। इसके बाद जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों से बात की तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। 

बाद में जब उन्होंने डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान से बात करने की कोशिश की तो उनके प्रशासन के साथ मीटिंग में व्यस्त होने की बात कही गई। अतुल ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर रोष जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मामले की जांच करवाकर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।