अब संक्रमण से ठीक होने के तीन महीने बाद मरीज लगवा सकेंगे वैक्सीन

फतेहाबाद, 20 मई।

नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 की कोरोना से बचाव हेतू टीकाकरण पर नई सिफारिशों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वीकार करते हुए लागू किया है, जिसके अनुसार अगर वैक्सीन की पहली डोज लेेने के बाद कोई संक्रमित होता है तो दूसरी डोज रिकवरी के तीन महीने बाद दी जाएगी।

उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने बताया कि जिला फतेहाबाद में कोविड-19 से बचाव स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रशासन की विभिन्न टीमों के साथ मिलकर दिन-रात लगातार काम कर रही हैं। जिला फतेहाबाद में बुधवार को रिकवरी रेट 80.34 दर्ज किया गया। इसके लिए उपायुक्त ने कोरोना योद्धाओं को बधाई देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।

उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को टीके की पहली खुराक मिल गई है और उसके बाद वह कोरोना पॉजिटिव आता है तो इस स्थिति में भी दूसरी खुराक को बीमारी से ठीक होने के बाद यानी तीन महीने के लिए टाल दिया जाएगा। इस अवधि के बाद ही मरीज को वैक्सीन लग पाएगी। अस्पताल में भर्ती या आईसीयू देखभाल की आवश्यकता वाले किसी भी अन्य गंभीर बीमारी वाले व्यक्तियों को भी टीका प्राप्त करने से पहले 4-8 सप्ताह तक प्रतीक्षा करनी होगी। 

उपायुक्त ने बताया कि नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 ने सभी स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए टीकाकरण की भी सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण से पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) द्वारा टीका प्राप्तकर्ताओं की कोई जांच नहीं की जाएगी। इसके अलावा वैक्सीन प्राप्त करने के 14 दिनों के बाद कोई व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इससे पहले पैनल ने कोविशील्ड की दो खुराक के बीच के अंतर को बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने की सिफारिश की थी, जिसे मंजूर कर आदेश दे दिए गए हैं।