डीसी व एसपी ने गांव मताना, धांगड़, अहरवां व जाखनदादी के आइसोलेशन केंद्रों का किया निरीक्षण

रतिया, 15 मई।

उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ व पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शनिवार को गांव मताना, धांगड़, अहरवां व जाखनदादी में बनाए जा रहे आइसोलेशन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आइसोलेशन केंद्रों में संबंधित ग्राम पंचायत व स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का जायजा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।





उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे इन आइसोलेशन सेंटर में उन कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को रखा जाएगा, जिनके घर में होम आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने फिल्ड व स्वास्थ्य विभाग की टीम से उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों की भी जानकारी ली। 

इस दौरान उन्होंने विलेज जनरल हेल्थ चेकअप योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग व फील्ड टीम को स्क्रीनिंग व सैम्पलिंग के संबंध में भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने गांव अहरवां के ग्राम सचिवालय में ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण से बचाव व उसकी रोकथाम बारे जारी गाइडलाइन की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे लोगों को कोरोना टेस्ट के लिए जागरूक करें। उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने गांव अहरवां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में किये गए प्रबंधों पर खुशी जाहिर करते हुए ग्राम पंचायत व स्कूल प्रबंधन को बधाई दी।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने कहा कि जिला में 50 आइसोलेशन केंद्र बना दिए गए है, जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवा दी गई है। इन आइसोलेशन केंद्रों में दस बेड होंगे, जिसमें पांच महिला व पांच पुरूषों के लिए होंगे। महिला व पुरूषों के लिए अलग-अलग आइसोलेशन सेंटर बनाए गए है। इसके अलावा इन आइसोलेशन केंद्रों में दवाईयां, शौचालय, बिजली, पानी सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई गई है। 

उपायुक्त ने कहा कि गांव स्तर पर फिल्ड टीम बनाई गई है, जिसमें आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल का शिक्षक, महिला पंचायत सदस्य या ग्राम सचिव और बीडीपीओ द्वारा नामित सदस्य जैसे मैट, रोजगार सहायक, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य को शामिल किया गया है। यह टीम गांवों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी और आशा वर्कर निर्धारित प्रोफार्मा में परिवार की पूर्ण स्वास्थ्य डिटेल भरेगी। उपायुक्त ने कहा कि यह टीम घर के प्रत्येक सदस्य की सामान्य हेल्थ जांच और सदस्यों के स्वास्थ्य हिस्ट्री तथा कोविड-19 से संबंधित लक्षणों का जांच करेगी। 

परिवार के प्रत्येक सदस्य का रिकॉर्ड आशा वर्कर निर्धारित प्रोफार्मा में इसको भरेगी। उन्होंने कहा कि अगर इस टीम को किसी व्यक्ति के अस्वस्थ होने का पता चलता है तो फिल्ड टीम उस मरीज को गांव स्तर पर ही गठित विलेज हैडक्वाटर टीम को रैफर करेगी। फिल्ड टीम अपने सर्वे के दौरान नागरिकों को कोविड व्यवहार जैसे मास्क लगाना, दो गज की दूरी, समय-समय पर अपने हाथ धोने बारे भी जागरूक करेगी।

उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने बताया कि गांव स्तर पर ही विलेज हैडक्वाटर टीम बनाई गई है जिसमें एक सदस्य स्वास्थ्य विभाग जैसे एएनएम, एलएचवी, फार्मासिस्ट, एलटी व सीएचओ, सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तथा सदस्य डाटा एंट्री आपरेटर को लिया गया है। विलेज हैड क्वाटर टीम में शामिल डाटा एंट्री ऑपरेटर व्यक्ति की मूल जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, आयु, रोगी की पिछली मेडिकल हिस्ट्री के रिकॉर्ड सहित स्वास्थ्य लक्षणों का इंद्राज ऑनलाइन करेंगे। 

विलेज हैडक्वाटर टीम गांव में एक केंद्र में बैठेगी जैसे स्कूल, पंचायत घर, पीएचसी, ग्राम सचिवालय आदि हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विलेज हैड क्वाटर टीम के पास रैफर होने पर गैर स्वास्थ्य कर्मी सदस्य मरीज का वजन, ब्लड प्रैशर, तापमान इत्यादि चैक करेंगे। स्वास्थ्यकर्मी सदस्य मरीज का एंटीजन, टेस्ट, ऑक्सीजन लेवल जांचेंगे। उन्होंने कहा कि मरीज के एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट में नेगेटिव पाए जाने पर मरीज को आयुष विभाग व एलोपैथी विभाग द्वारा सुझाई गई रोग प्रतिरोधक क्षमता दवाईयां दी जाएगी। 

एंटीजन रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर माइल्ड सिमटम्स वाले मरीजों को होम आइसोलेशन करके उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित किट उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन मरीजों के घर पर होम आइसोलेशन की सुविधा पूर्ण नहीं होती है तो ऐसे मरीजों को यह टीम गांव में स्थापित किए गए कोविड केयर सेंटर में भेजेगी। उपायुक्त ने कहा कि दिन में एक बार सीएमओ द्वारा नामित एक स्वास्थ्यकर्मी उस सेंटर की विजिट भी करेंगे।