जिला में आयुष विभाग घर-घर जाकर वितरित कर रहा है इम्यून बुस्टिंग किट

जिला में अब तक 16078 इम्यूनिटी बुस्टिंग किट वितरित

फतेहाबाद, 2 जून।

कोविड-19 की दूसरी लहर के पीक टाइम में आयुष विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अब उसी का परिणाम है कि फतेहाबाद जिला में कोरोना के केस काफी कम हो गए हैं।

इस बारे जानकारी देते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों व डिस्पेंसरों ने कोविड-19 संक्रमितों के घर-घर जाकर न केवल रोगियों की तबियत का मूल्यांकन किया, बल्कि उन्हें आयुर्वेदिक औषधियों की जानकारी, योग व प्राणायाम करने की प्रेरणा व मानसिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कांउसलिंग भी की। इस प्रक्रिया के दौरान डिस्पेंसरों ने भी इम्यून बुस्टिंग किट जिसमें आयुष क्वाथ तथा संशमनी वटी अथवा गुडुचि घन वटी शामिल थी, वितरित की। 

कुल मिलाकर 27 अप्रैल से 31 मई तक 16078 इम्यूनिटी बूस्टिंग किट वितरित की गई। सभी चिकित्सकों ने अपने विवेक से रोगियों की स्थिति देखते हुए उन्हे भाप लेने, प्रोनिंग संबंधि (सांस में दिक्कत होने पर पेट के बल लेटने को प्रोनिंग कहते हैं) तथा आहार-विहार संबंधि हिदायतें देकर घर पर ही स्वस्थ होने में पूरा सहयोग किया ताकि कोविड अस्पतालों पर दबाव न बढ़े।

आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सरदाना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई घरों में जब वे अपनी इम्यूून बुस्टिंग किट वितरित करते तो परिवार के लोग बताते कि हम पहले से गर्म पानी पी रहे हैं, गिलोय का काढा ले रहे हैं, दूध में हल्दी का सेवन कर रहे हैं, साथ-साथ चाय में तुलसी, लौंग, अदरक, काली मिर्च आदि उबाल कर पी रहे हैं। डॉ. राजेश सरदाना ने कहा कि ये सुखद आश्चर्य था कि पिछले कुछ वर्षों से आयुष विभाग ने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. धर्मपाल के दिशानिर्देश में आयुर्वेद का जो प्रचार-प्रसार किया उसी का परिणाम हैं कि आज घर-घर में आयुष का बोल वाला हैं। डॉ. राजेश ने लोगों को अपने घरों में गिलोय लगाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. बलवान को तो होम आइसोलेटिड मरीजों ने व्हाटसएप पर भी उनका ख्याल रखने के लिए धन्यवाद के मैसेज किए। डॉ. दिनेश कुमार जिन्होंने सिविल सर्जन ऑफिस से होम आइसोलेशन टीम की निगरानी भी की, उन्होंने बताया कि वो जब मरीजों से फोन पर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते तो मरीज उनसे आयुर्वेदिक के माध्यम से कोविड-19 से बचाव के बारे मे जानकारी लेते थे और पूरी बात समझकर समय पर सही सलाह देने पर रोगी अभिभूत होकर धन्यवाद भी करते।

इसी तरह डॉ. अजीत, डॉ. संजय पाल, डॉ. रितू, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. हरीश चन्द्र, डॉ. विश्वजीत, डॉ. अंजू, डॉ. सुनीता देवी, डॉ. भारती चौहान, डॉ. सोनिया (वालेंटियर), आयुष विभाग में नैशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत डॉ. मोहित अरोड़ा, डॉ. नेहा बिदानी, डॉ. जसविन्द्र सिंह, डॉ. शिक्षा कुमारी, डॉ. कल्पना जोशी, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. शकुन्तला रानी, आयुष फार्मासिस्ट पंकज, राजाराम, अनिल, दिलबाग, दिनेश कुमार, बलवान, संदीप, सीमा यादव, मनीषा, उषा इन्दौरा, सेवापति, ललित कुमार, सोनिया, सुरेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, रहीष, पुष्कर, ममता के भी अनुभव रहें।

कोविड काल में जिला प्रशासन ने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया को ऑक्सीजन सप्लाई हेतू फतेहाबाद जिला का नोडल अधिकारी का दायित्व दिया गया, जिसे उन्होंने रात-दिन एक करके ऑक्सीजन सप्लाई को पूरे जिला में सुचारू रखा। एक सप्ताह तो उन्होंने एक दिन में लगातार 20-20 घंटे काम किया। उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने उनकी सेवाओं से खुश होकर प्रशंसा पत्र भी जारी किया है। आयुष विभाग ने निस्वार्थभाव से कोविड मरीजों की देखभाल की और परिणाम स्वरूप उनके चेहरे की मुस्कान को देखकर अत्यंत खुशी मिली जो उनके लिए अविस्मरणीय इनाम (अवार्ड) रहा।