फतेहाबाद में अब तक 112 पर मिली 427 शिकायतों पर हुई त्वरित कार्यवाही

एसपी ने किया डायल 112 कंट्रोल रूम का निरीक्षण, कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश

फतेहाबाद, 27 जुलाई। कानून व्यवस्था बनाए रखने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया डायल 112 प्रोजेक्ट फतेहाबाद जिलावासियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होता नजर आ रहा है। शिकायत पर कुछ ही मिनटों में कार्यवाही से लोगों में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। 

ऐसे में इस प्रोजेक्ट में लगे पुलिस कर्मचारियों का कर्तव्य है कि वह जनता के इस विश्वास पर खरा उतरे और अपनी डियूटी को ईमानदारी से करे। यह निर्देश जिला पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार ने आज लघु सचिवालय में डायल 112 के तहत बनाए गए कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान वहां तैनात कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए दिए। एसपी ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक मिली शिकायतों पर हुई कार्यवाही बारे जानकारी ली और कर्मचारियों को इसे ओर भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए। 

एसपी ने बताया कि डायल 112 सेवा से न केवल अपराधियों की धरपकड़ में तेजी आई है वहीं 20 दिनों में पुलिस ने अपनों से बिछड़े 3 बच्चों को जहां परिजनों से मिलवाया वहीं तुरंत मौके पर पहुंचकर फांसी पर लटक रहे एक युवक की जान भी बचाई है। इस सेवा के शुरू होने के मात्र 20 दिन के भीतर फतेहाबाद में 426 शिकायतें मिली है। इनमें अधिकतर लड़ाई झगड़ा, घरेलू हिंसा, दुर्घटना, चोरी आदी से सम्बंधित रही। 

सभी मामलों में शिकायत मिलने के कुछ ही मिनटों में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की है। एसपी ने बताया कि टोहाना में डायल 112 पर मिली सूचना के आधार पर दो बच्चों को उनके अपनों से मिलवाया वहीं आज टिब्बा कालोनी रतिया में गुम हुई बच्ची को उसके परिजनों तक सकुशल पहुंचाया। इस बारे में पुलिस को डायल 112 पर सूचना मिली थी। 

यही नहीं 15 जुलाई को डायल 112 पर एक युवक ने कॉल कर सूचना दी कि वह अपने परिवार वालों से प्रताडऩा से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है। इस पर पुलिस ने तुरंत युवक की लोकेशन सर्च की और कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर फांसी पर लटके युवक को उतारकर उसकी जान बचाई। एसपी श्री राजेश कुमार ने बताया कि डायल 112 के तहत शिकायतों पर कार्यवाही के लिए जिला या थाने की सीमा की बंदिश नहीं है। 

कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ता की लोकेशन के निकटतम वाहन स्टाफ को सूचना दी जाती है जो कि तत्काल पहुंचकर शिकायतकर्ता को मदद उपलब्ध करवाते हैं।