उपायुक्त ने की नागरिकों से जुलाई को डेंगू रोधी मास के रूप में मनाने की अपील

उपायुक्त महावीर कौशिक ने नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई को डेंगू रोधी मास के रूप में मनायें। नागरिक छोटी-छोटी युक्ति अपनाकर डेंगू व चिकनगुनिया से मुक्ति पा सकते हैं। हमें अपने घर से ही डेंगू रोकने की शुरूआत करनी होगी। उपायुक्त ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला ऐडीज मच्छर दिन में काटता है व रूके हुए साफ पानी में ही पनपता है।

उन्होंने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए जरूरी है कि नागरिक प्रत्येक रविवार को अपने घर में सूखा दिवस मनायें तथा पानी के सभी बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज ट्रे, गमले इत्यादि को खाली करके सुखाएं, क्योंकि बीमारी फैलाने वाला मच्छर इन्हीं स्थानों पर जमा हुए पानी में पनपता है। 

पानी से भरे हुए बर्तन व छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें, सोते समय कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी बाजू के वस्त्र पहनें और बुखार आने पर डाक्टर की सलाह लें।

उपायुक्त ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया न हो, इसके लिए आवश्यक है कि नागरिक स्वयं दवा न खाएं-एस्प्रीन, ब्रूफीन दवाइयों का सेवन न करें, घरों के अंदर, आसपास के गड्ढों में 7 दिन से अधिक पानी एकत्रित न होने दें, पुराना सामान जैसे टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे, पॉलीथीन के लिफाफे खुले में न फैंके, ताकि बरसात का पानी उसमें एकत्रित न हों, यदि कूलर प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है तो उसमें पानी एकत्रित न होने दें और टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे खुले में न छोड़े। यदि अंदर रखना संभव न हो तो उन्हें ढककर रखें।

डेंगू के लक्षण

उपायुक्त ने बताया कि अकस्मात तेज बुखार का होना, अचानक तेज सिरदर्द होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना, जोकि आंखों को घुमाने से बढ़ता है इत्यादि डेंगू के लक्षण हो सकते हैं।

चिकनगुनिया के लक्षण

उन्होंने बताया कि बुखार के साथ जोड़ों में दर्द व सूजन होना, कंपकंपी व ठंड के साथ बुखार का अचनाक बढऩा व सिरदर्द होना चिकनगुनिया के लक्षण है।

लक्षण मिलने पर तुरंत करवाएं जांच

उपायुक्त ने बताया कि इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में खून की जांच करवाएं। चिकित्सक की सलहा से ही दवा खाएं। डेंगू व चिकनगुनिया की जांच सभी जिला अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है तथा प्लेटलेट्स की सुविधा जिला गुरूग्राम, करनाल, पंचकूला, रोहतक व सोनीपत में निशुल्क उपलब्ध है। मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी, सुझाव, शिकायत बचाव व सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।