उपायुक्त की रागनी ने दर्शकों व ग्रामीणों को किया मंत्रमुग्ध

 हरियाली तीज महोत्सव पर गांव बड़ोपल में जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम आयोजित

फतेहाबाद, 11 अगस्त।

आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में लोक महोत्सव तीज का आयोजन बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा गांव बड़ोपल में हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। पंचायत विभाग, एचएसआरएलएम, हरियाणा कला परिषद तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का विशेष सहयोग रहा। तीज महोत्सव में ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़ चढक़र भाग लिया। 

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन उपायुक्त महावीर कौशिक ने किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा हस्त निर्मित फूड, गुलक, अचार मसाले, फुलकारी, ज्वेलरी, चूडी, टैराकोटा, नमकीन, टैडीबियर, बैडशीट व अन्य खाद्य सामग्री की स्टाल का निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से हस्त निर्मित सामान की जानकारी ली व महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्त निर्मित सामान की प्रशंसा की और तीज की शुभकामनाएं दी।

हरियाली तीज के त्योहार के अवसर पर उपायुक्त महावीर कौशिक व अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ झूला झूले। कार्यक्रम में उपायुक्त ने रागिनी प्रस्तुत कर हरियाणा की पारम्परिक संस्कृति व भारतीय सभ्यता का संदेश दिया। उपायुक्त ने गंगा जी तेरे खेत म्हं माई, गढे री हंडोले चार। कन्हैया झूलते श्री रूकमण, झुला रही तथा लेके देदे, अर करकै खाले, उस तै कौन जबर हो सै, नुगरा माणस आंख बदल ज्या समझदार कि मर हौ सै गीत के बोल से दर्शकों एवं श्रोताओं को गद्गद् कर दिया। 

इसके साथ-साथ हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक महावीर सिंह गुड्डू व कलाकारों की टीम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों तथा गांव बड़ोपल के युवा कलाकार रवि कुमार आदि ने ‘छोरी गावे गीत सूरीले, घटा छा गई सामण की’, 52 गज का घाघरा घूम रहा, छोरी गाव गीत सूरीले, देशभक्ति से ओतप्रोत, धार्मिक भजनों, हरियाणवी गीतों के माध्यम से कलाकारों ने ग्रामीणों का समा बांधा। कलाकारों तथा ग्रामीणों ने नाचते, गाते, गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के माध्यम से उपायुक्त व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का जोरदार स्वागत किया और तीज उत्सव को अधिकारियों व ग्रामीणों ने बड़े उत्साह व हर्ष के साथ मनाया।

इस मौके पर उपायुक्त महावीर कौशिक ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर सभी को तीज उत्सव की बधाई देते हुए कहा कि होली भर ले गई झोली, तीज बो गई बीज यानी तीज सभी त्योहारों की जननी है, क्योंकि किसी भी खुशी के मौके पर तीज त्योहार की ही बात की जाती है। 

उपायुक्त ने कहा कि तीज उत्सव से काफी दिन पहले ही माता-बहनें झूला झूलती है और सावन के गीत गाकर खुशी मनाती है। उन्होंने कहा कि तीज त्योहार की शुरूआत होते ही अन्य त्योहारों की झडी लग जाती है। बच्चे, बुजुर्ग व अन्य नागरिक त्योहार को एक साथ बैठकर हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। 

उपायुक्त ने ग्रामीणों से आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को भी प्रदेश की परंपरा व भारतीय सभ्यता के बारे में अवगत कराए। इस अवसर पर एसडीएम कुलभूषण बंसल, महाबीर गुड्डू, डीआईपीआरओ आत्माराम कसाना, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, तहसीलदार रणविजय सुल्तानिया, एनआरएलएम रणविजय सिंह, शारदा देवी, अमित नहला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहें।

फोटो कैप्शन (11 डीआईपीआरओ एफटीबी 01 से 04): आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में गांव बड़ोपल में हरियाली तीज महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ कर प्रदर्शनी का अवलोकन करते उपायुक्त महावीर कौशिक।