मौत के बाद भी दुनिया देख सकेंगी 18 वर्षीय शिवम की आंखें

 यह दुखद घटना अग्रोहा के नजदीक  गांव लांधरी की है, लांधरी निवासी एक व्यक्ति इनका नाम शिवम था वह एक हादसे में अपनी जान गवा दी, शिवम एक बारहवीं कक्षा का छात्र था। इन्होंने मंगलवार को लांधरी चौक पर अपनी जान गवा दी यह हादसा  एक बड़े ट्रक के साथ हुआ था जिस दौरान शिवम की जान चली गई।


हादसे में शिवम की जान जाने के बाद उनके पिता ने यह निर्णय लिया है कि वे अपने इकलौते बेटे शिवम बिश्नोई की आंखें दान करेंगे। अब मरने के बाद भी शिवम की आंखें दुनिया देख पाएंगे। उनका पूरा परिवार बहुत ही दुखद स्थिति में है लेकिन उन्हें इस बात की खुशी भी है की उनका इकलौता बेटा अब मरने के बाद भी किसी की आंखों को रोशनी प्रदान करेगा।

पिता ने किया इकलोते बेटे की आँखों का दान

यह परोपकार का कार्य शिवम के पिता ने किया है, उनका कहना है कि अब शिवम की आंखें किसी और को रोशनी प्रदान करेंगे। हालांकि शिवम विश्नोई एक बारहवीं कक्षा का छात्र था और शिवम की उम्र मात्र 18 वर्ष थी। यह अपने पिता के इकलौते बेटे थे, और अब इस दुखद घटना से इनके घर का चिराग बुझ गया। पुलिस मृतक छात्र शिवम बिश्नोई के सबको पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी ले गई।

मृतक छात्र के पिता ने जब रिपोर्ट दर्ज करवाई तो उन्होंने एक ही इच्छा जाहिर की उन्होंने कहा की मैं मेरे बेटे शिवम के शरीर को दान करना चाहता हूं ताकि उसके बेटे के शरीर के अंगों से किसी दूसरे के काम आ सके और उन्हें रोशनी प्रदान कर सके इसको लेकर मेडिकल टीम को बुलाया गया। टीम ने पूरे शरीर को चेक करने के बाद यह बताया कि हादसे के कारण शिवम के फेफड़े किडनी आदि डैमेज हो चुके हैं केवल आंखें के ही सही-सलामत है।

अनिल बिश्नोई के घर का चिराग तो बुझ गया लेकिन…

मृतक शिवम के पिता बिश्नोई ने बेटे की आंखें मेडिकल को दान कर दी। मेडिकल विभाग की टीम ने मृतक शिवम की आंखें ले ली है।इकलौते बेटे की मौत से अनिल बिश्नोई के घर का चिराग तो बुझ गया लेकिन साथ ही उन्हें इस बात की खुशी भी है की शिवम के अंग किसी के काम आ रहे हैं। अब शिवम की आंखें मरने के बाद भी दुनिया को देख सकेंगी।

आरोही मॉडल स्कूल अग्रोहा में बारहवीं कक्षा का छात्र था शिवम

बताया जाता है कि उनका बेटा शिवम सामाजिक संस्था से जुड़ा हुआ था और आर एस एस का सदस्य भी था। गांव लांधरी के सरपंच प्रतिनिधि विजय पूनिया ने यह बताया है कि शिवम के द्वारा किए गए सामाजिक सेवा भाव के लिए 15 अगस्त को सम्मानित भी किया गया था। छात्र शिवम की मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छाया हुआ है। शोक जताने के लिए उनके घर पर लोगों का तांता लगा। आरोही मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि मृतक शिवम पढ़ाई में काफी होशियार था और स्कूल की एक्टिविटी में भाग लेता था।