मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 1883 परिवारों की बढ़ाई जाएगी आय : डीसी

-स्वामित्व योजना के तहत 19282 लोगों को सौंपी गई प्रोपर्टी रजिस्ट्रियां

-उपायुक्त ने प्रेसवार्ता में जिला में विभिन्न विभागों की योजनाओं की दी जानकारी

फतेहाबाद, 12 अक्टूबर।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत जिला में 1883 परिवारों को विभिन्न विभागों के साथ जोडक़र उनकी आय बढ़ाने का काम किया जाएगा। इसके लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है। इन परिवारों की वार्षिक आय को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर पहले चरण में एक लाख रुपये व दूसरे में एक लाख 80 हजार रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।



यह जानकारी उपायुक्त महावीर कौशिक ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें गरीब परिवारों की आय को विभागों की योजनाओं से जोडक़र बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिला में 12 जोन बनाए गए है। 7 ग्रामीण व 5 शहरी जोन है। जोन के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है और उसके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल किए गए है। जिला में कैंप आयोजित हुआ है और इस कैंप में 1673 आवेदनों को चिन्ह्ति करके विभिन्न विभागों को भेजा गया है। 476 आवेदनों पर कार्य चल रहा है। उपायुक्त ने बताया कि जल्द ही 1883 परिवारों को विभिन्न विभागों की किसी ने किसी स्कीम से जोडक़र उनको लाभ दिलवाया जाएगा, ताकि उनकी आय बढ़ाई जा सके।

स्वामित्व योजना के तहत 19282 लोगों को प्रोपर्टी आईडी रजिस्ट्रियां वितरित:-

उपायुक्त ने बताया कि लाल डोरा मुक्त करने की योजना के तहत जिला में स्वामित्व स्कीम में सभी 260 गांवों में पहले चरण के तहत ड्रोन सर्वे किए जा चुके हैं। 252 गांवों में पहले चरण के मैप भी तैयार किए जा चुके हैं। 141 गांवों में इस योजना के सभी चरणों को पूरा कर लिया गया है। इन गांवों में कुल 30701 प्रोपर्टी आईडी चिन्ह्ति की गई है, जिनमें से 19282 को ये रजिस्ट्रियां वितरित कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि नवंबर 2021 तक स्वामित्व योजना के तहत सभी चरणों को पूरा कर लिया जाएगा।

जिला में 77 प्रतिशत को लगी कोरोना रोधी दवा की पहली डोज:-

उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान जिला में चलाया जा रहा है। इसके तहत 737635 योग्य नागरिकों को वैक्सीन दी जानी है। इनमें से 567554 को पहली डोज दी जा चुकी है जो 77 प्रतिशत बनता है। उन्होंने कहा कि 25 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज भी दी गई है। जिला में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की हिचक व शंका न रखें और कोविड रोधी टीकाकरण अवश्य करवाए।

जिला में मौसमी बीमारियों के ईलाज के साथ-साथ जागरूकता अभियान जारी:-

उपायुक्त ने बताया कि जिला में मौसमी बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया है। टीम लोगों को जागरूक कर रही है कि वे साफ सफाई रखें, पानी इक्_ा न होने दें। शहरों में फोगिंग करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला में 68031 मलेरिया टेस्ट के स्लैब लिए है, जिनमें एक मलेरिया केस की पुष्टि हुई है। डेंगू के 621 सैंपल लिए गए है। 60 व्यक्तियों में डेंगू की पुष्टि हुई है और चिकनगुनिया के 119 सैंपल में से 5 सैंपल पॉजिटिव पाए गए है।

पराली प्रबंधन के लिए किए जा रहे हैं अनेक प्रयास:-

उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि जिला में पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें उपकरणों के माध्यम से पराली प्रबंधन करवाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए कृषि विभाग ने 225 गांवों में कैंप आयोजित कर लिए है और एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित भी किया गया है। किसानों को पराली जलाने के नुकसान बारे बताया जा रहा है। जिला में पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त मात्रा में उपकरण उपलब्ध है। कुल 637 कस्टम हायरिंग सेंटर है, जिनमें 792 सुपर सीडर और 3850 अन्य उपकरण दिए गए है। 225 स्ट्रा बेलर है। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। सीएचसी को 85 प्रतिशत और व्यक्तिगत को 50 प्रतिशत सब्सिडी की दर पर उपकरण उपलब्ध करवाए गए है। गांव, ब्लॉक और उपमंडल स्तर पर जागरूकता और रोकथाम कमेटी गठित कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि इस बार उषा डी-कंपोजर के छिडक़ाव द्वारा पराली प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए एक एकड़ में 300 ग्राम डी-कंपोजर 500 लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव किया जाता है, जिससे पराली 15 दिन में ही पराली में गल जाती है। कृषि विभाग 17 हजार एकड़ भूमि पर डी-कंपोजर का छिडक़ाव मुफ्त करेगा। यूपीएल कंपनी भी 48 हजार एकड़ भूमि पर डी-कंपोजर के जरिये पराली प्रबंधन करेगी।

जिला में धान खरीद सुचारू:-

उपायुक्त महावीर कौशिक ने पत्रकारवार्ता में बताया कि जिला में 38 मंडियों और खरीद केंद्रों पर धान की खरीद की जा रही है। अब तक 32068 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। 4055 मीट्रिक टन धान का उठान मंडियों से हो चुका है। गेट पास कटने के 72 घंटे बाद किसानों को उनकी फसल का भुगतान किया जा रहा है। 5 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि किसानों को उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

25 अक्टूबर तक होगी फसल खराब की स्पेशल गिरदावरी:-

हरियाणा सरकार के आदेशानुसार जलभराव, बारिश और कीटों से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी की जा रही है। धान, बाजरा, मूंग, गन्ना और कपास फसल की गिरदावरी की जा रही है। 25 अक्टूबर तक यह गिरदावरी पूरी कर ली जाएगी। संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार को शत प्रतिशत तक गिरदावरी निरीक्षण के आदेश दिए गए है। संबंधित एसडीएम 25 प्रतिशत, उपायुक्त 10 प्रतिशत व मंडलायुक्त 2 प्रतिशत तक स्पेशल गिरदावरी का निरीक्षण करेंगे। उपायुक्त ने बताया कि राजस्व विभाग 21 सितंबर से ही रजिस्ट्री के साथ ही जमीन का इंतकाल कर रहा है। अब तक जिला में एक हजार ऐसी रजिस्ट्रियां हुई है, जिसका उसी दिन इंतकाल कर दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि सांझा खाता की तकसीम करने के लिए सेक्शन 111 में बदलाव किया है, जिसके तहत सर्कल राजस्व अधिकारी सांझा खाते का बंटवारा कर सकेंगे। जिला में इसके तहत 1095 सांझेदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

ये रहे मौजूद:-

पत्रकारवार्ता में जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी एआर कसाना, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी बलजीत सिंह चहल, डीएफएससी विनीत कुमार, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग, एआईपीआरओ विनय बेनीवाल व पीएफए जोतराम आदि मौजूद रहे।