बेटी के चाल चलन पर शक, जहर देकर मार डाला:रिमांड पर टूटे माता-पिता बोले, बेटी की हरकतें सहन नहीं हो रही थी

 पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महासिंह और उसकी पत्नी बबीता।

सोनीपत के पुरखास गांव में नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में गिरफ्तार माता-पिता आखिर टूट गए। रिमांड के दौरान दोनों ने रोते हुए राज उगला कि उन्हें बेटी के चाल चलन पर कुछ शक था। बेटी उनका कहा भी नहीं मानती थी। उन्होंने गुस्से में बेटी की हत्या कर दी। कोर्ट ने फिलहाल दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अब एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।


गन्नौर क्षेत्र के गांव पुरखास में पुलिस को सूचना मिली थी कि 15 साल की एक नाबालिग लडक़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और परिजनों ने गुपचुप ढ़ंग से उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस ने छानबीन की और पुरखास निवासी लड़की के पिता महासिंह और मां बबीता को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर ले लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने माता-पिता को पहले अलग-अलग और बाद में आमने सामने बिठाकर पूछताछ की।

पुलिस के आगे दोनों टूट गए और बेटी की हत्या की बात कबूल कर ली। दोनों ने पुलिस को बताया कि बेटी की हरकतें सहन नहीं हो रही थी। कुछ भी कहते, वह मानती ही नहीं थी। उनको उसके चाल चलन पर भी शक होने लगा। कोई चारा न देखकर उसकी हत्या की ठान ली। जहर देकर उसकी हत्या कर दी और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

आरोप है कि घर में रखी इस चारपाई पर लड़की की हत्या की गई थी।

दोनों को भेजा जेल
गन्नौर पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पुरखास निवासी महासिंह और उसकी पत्नी बबीता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। दोनों को शुक्रवार को एक दिन के रिमांड पर लिया गया था। शनिवार को रिमांड की अवधि खत्म होने पर उनको गन्नौर कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को 14 दिन की न्ययिक हिरासत में जेल भेज दिया। दोनों ने बेटी के चालचलन पर शक होने और कहा न मानने की बात कही है।

लैब की रिपोर्ट का इंतजार
लड़की की संदेहास्पद हालत में मौत और अंतिम संस्कार की सूचना के बाद पुलिस पुलिस की एक टीम शुक्रवार को एफएसएल टीम के साथ पुरखास गांव के श्मशानघाट में जाकर छानबीन कर चुकी है। टीम ने वहां से लड़की की अस्थियां कब्जे में लेकर उनको जांच के लिए लैब भेजा है। मधुबन लैब से अब पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने वारदात से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए हैं।

3 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी मृतका
महासिंह और बबीता के तीन बच्चे हैं। एक लड़की और दो लड़के। महासिंह की सबसे बड़ी बेटी की उम्र 15 साल थी, जबकि दोनों बेटों की उम्र 12 साल और 6 साल है। गांव में चर्चा है कि प्रेम-प्रसंग को लेकर हुए विवाद के बाद यह हत्या की गई है।

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