सीएम अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में पात्र परिवारों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिया जाएं : उपायुक्त


-लघु सचिवालय के सभागार में योजना की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

फतेहाबाद, 8 अक्टूबर।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में दर्ज परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के जरिये दी जाने वाली योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना में दर्ज परिवारों की सालाना आय में वृद्धि करने के लिए उन्हें किसी न किसी योजना का लाभ दिलवाया जाना है। जिला में 1883 ऐसे परिवार है जिनकी सालाना आय 25 हजार रुपये से कम है।



इस योजना के क्रियांवन के लिए उपायुक्त महावीर कौशिक ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों और जोनल टीम के अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार विमर्श किया। उपायुक्त ने सर्वे से वंचित रही 477 परिवारों के जल्द सर्वे कर उन्हें लाभ दिलवाने के लिए विभागों के साथ जोडऩे के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत गरीब परिवारों की मैपिंग की जाए और विभिन्न विभागों में योग्यता के साथ जोड़ा जाए ताकि उनकी आमदनी को उन विभागों के जरिये बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिवार उत्थान योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत परिवारों को कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन के उपायों का एक पैकेज बनाकर उनकी न्यूनतम वार्षिक आय को बढ़ाना है।

उपायुक्त महावीर कौशिक ने बताया कि योजना के सही क्रियांवयन को लेकर पूरे जिले को 12 जोन में बंाटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए एक-एक कमेटी गठित की गई है। ग्रामीण क्षेत्र को 7 जोन तथा शहरी क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है। गठित जोनल कमेटियों में लगभग उन विभागों के अधिकारी शामिल किए गए है जिनके माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाती हंै ताकि योजना को सिरे चढ़ाने के लिए किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में सूची में शामिल गरीब लोगों की आय एक लाख रुपये वार्षिक तक ले जाने तथा इसके बाद इन परिवारों की आय को एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।

 उपायुक्त ने सभी विभागों से कहा है कि जोनल कमेटी द्वारा भेजे गए आवेदनों को अपने विभाग की योजना के साथ जोड़ा जाए। कोई भी विभाग इन आवेदनों को रद्द ना करें। उन्होंने कहा कि कोई परिवार अगर विभाग की स्कीम में पात्र नहीं है तो उसे जोनल कमेटी के पास वापिस भेज दें, ताकि जोनल कमेटी उस परिवार को किसी अन्य योजना का लाभ दिलवा सके। बैठक में जिप के अतिरिक्त सीईओ सुरेश, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार, सन्दीप भारद्वाज, डीडीएएच डॉ. काशी राम, डीएसडब्ल्यूओ इंद्रा यादव, जिला कल्याण अधिकारी लालचंद बिश्रोई, डीएचओ डॉ. कुलदीप श्योराण, रेडक्रॉस सचिव नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।