एसडीएम ने गांवों व खेतों में पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने बारे किया जागरूक

फतेहाबाद, 10 नवंबर।

उपमंडलाधीश राजेश कुमार ने गांव ढाणी ठोबा, फतेहाबाद सहित आसपास क्षेत्र के गांवों व खेतों में पहुंचकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने बारे जागरूक किया। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फसली अवशेषों को बिल्कुल भी ना जलाएं। उन्होंने किसानों को बताया कि पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर बढऩे से लोगों को सांस की दिक्कत आ रही है। आंखों पर भी इसका गहरा असर होता है।



उन्होंने किसानों को कहा कि पराली जलाने की बजाए कृषि यंत्रों की मदद से जमीन में ही खाद के तौर पर इसका उपयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि एनजीटी के नियमों के तहत पराली या अन्य फसल अवशेषों को जलाने वालों के विरूद्ध मामला एवं एफआईआर दर्ज करवाने तथा जुर्माना की वसूली का प्रावधान है। इस मौके पर एसडीएम ने गांव ढाणी ठोबा निवासी कुलदीप सिंह पुत्र हरदत द्वारा 14 कनाल तथा फतेहाबाद निवासी जोगिंद्र सिंह पुत्र चिमन सिंह द्वारा 6 कनाल में फसली अवशेष जलाने पर 2500-2500 रुपये की राशि का जुर्माना लगाया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित व्यक्तियों से जुर्माना की राशि वसूल करवाई।

उपमंडलाधीश राजेश कुमार ने कहा कि प्रदूषित वातावरण का मानव के साथ-साथ हर जीव-जंतु के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण का होना बहुत ही जरूरी है। पर्यावरण की स्वच्छता को बनाए रखने में सभी का सहयोग जरूरी है। इस दिशा में किसान पराली को जलाने की बजाएं इसका प्रबंधन करके न केवल पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बनें, बल्कि इसे अपने लाभ का भी जरिया बनाएं। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुश्तैद है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर गठित टीम मौके पर जाकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेगी। कोई भी पराली जलाता है, तो उसका चालान कर जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं जागरूक बनकर धान की पराली व फसली अवशेषों को जलाने की बजाए इसके उचित निपटान की दिशा में आगे बढें। इस अवसर पर नायब तहसीलदार राजेश गर्ग, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, कृषि सुपरवाइजर राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।