राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संयुक्त टीकाकरण अभियान का उद्घाटन

-राजकीय पशुधन फार्म हिसार के मुख्य अधीक्षक डॉ. लाल चंद रंगा ने किया अभियान का शुभारंभ

-मुंहखुर व गलघोटू से बचाव के लिए गांव ढाबी खुर्द में पशुओं का किया टीकाकरण

फतेहाबाद, 11 नवंबर। 

 हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में मुंहखुर एवं गलघोटू से बचाव का संयुक्त टीका समस्त हरियाणा में लगवाया जा रहा है। यह टीका साल में दो बार लगाया जाता है जिसके तहत पूरे हरियाणा में 30वें दौर का अभियान चलाकर राज्य के सभी पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। पहले यह टीका अलग-अलग लगाए जाते थे जिस कारण साल में चार बार पशुओं को टीके लगाने पड़ते थे लेकिन अब संयुक्त टीका होने से यह साल में केवल दो बार लगाए जाते हैं, इससे पशुओं को काफी लाभ हुआ है।



 इस अभियान के तहत वीरवार को राजकीय पशुधन फार्म हिसार के मुख्य अधीक्षक डॉ. लाल चंद रंगा द्वारा गांव ढाबी खुर्द में गौशाला में टीका लगाकर इस अभियान का आरंभ किया गया। जिला फतेहाबाद में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. काशी राम ने जिला के सभी पशुपालकों को अपील करते हुए बताया है कि विभाग की टीम घर द्वार पर जाकर टीकाकरण का कार्य करेगी।

 इसलिए सभी पशुपालक, गौशाला समितियों के प्रबंधक, प्राइवेट डेरी संचालक अपने-अपने पशुओं के मुंहखुर एवं गलघोटू का टीका अवश्य लगवाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अपने निकटतम पशु चिकित्सालय/औषधालय से संपर्क कर सकते हैं।

इस अभियान के तहत जिला फतेहाबाद में भी 361525 पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा, जिसके लिए 361525 खुराक विभाग द्वारा उपलब्ध करवा दी गई है। जिला फतेहाबाद में 53 पशु चिकित्सकों की टीम इस अभियान हेतू बनाई गयी है जोकि कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए पशुपालकों के घर द्वार पर जाकर सभी पशुओं को टीके लगाएगी। 

उन्होंने बताया कि मुंहखुर एवं गलघोटू रोग एक खतरनाक बीमारी है। मुंहखुर बीमारी में मुंह और खुर में छाले पड़ जाते हैं जिसकी वजह से पशु को चारा खाने व चलने में दिक्कत होती है जबकि गलघोटू रोग में तेज बुखार, गला सूजना, सांस न ले पाना आदि दिक्कतें होती है जिसकी वजह से पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें पशुपालक को ईलाज के रूप में काफी आर्थिक हानि होती है। 

कई बार तो पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। इस वजह से हरियाणा सरकार ने पहल करते हुए पूरे राज्य में मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाकर इन बीमारियों को जड़ से खत्म करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रत्येक पशुपालक के पशुओं को पशुपालन विभाग की टीम उनके घर जाकर मुफ्त में टीकाकरण का कार्य करेगी। टीकाकरण के साथ-साथ सभी पशुओं की टेगिंग करके  आईएनएपीएच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।